Wednesday, May 20, 2020

Committed to the all-round development of man, jeene ki raah.

मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है।
 समाज में रहते हुए उसे सभ्यता के उच्चतम सोपान तक पहुंचना  ही एकमात्र उद्देश्य है।
वर्तमान समय में मनुष्य सामाजिकता की अवनति की ओर अग्रसर हो रहा है इस भयंकर कलयुग में मनुष्य अपने मूल उद्देश्य को भूल चुका है।
 वर्तमान समय में परम संत सतगुरु रामपाल जी महाराज विश्व को अपनी पवित्र विचारधारा अनुसार सभ्यता के सोपान की ओर अग्रसर कर रहे हैं।
 संत सतगुरु रामपाल जी द्वारा लिखित पुस्तक जीने की राह बहुत ही अनमोल है।
 इसके अंदर मनुष्य के मूल उद्देश्य तथा हमारे मानव जाति के प्रति कर्तव्य के प्रति सचेत किया गया है।
 मानव मात्र को यह अनमोल पुस्तक अवश्य पढ़नी चाहिए ।

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