वह है किसी भी तरह से येन केन प्रकारेण पैसा कमाना ।
इसके लिए चाहे मुझसे को अपने मानवीय गुणों से इतना ही गिर ना पड़े वह गिर सकता है ।
वास्तव में वर्तमान समय में सामाजिक मूल्यों में जो गिरावट आई है।
वह हमारे वर्तमान शिक्षा पद्धति में नैतिक शिक्षा की कमी के कारण ही है।
इसी नैतिकता की कमी के कारण मनुष्य आज आधुनिकता की दौड़ में इतना अंधा हो चुका है कि वह अच्छे और बुरे की पहचान भी नहीं कर पा रहा यहां तक कि इसी रुपए की अंधी दौड़ में वह परिवारिक रिश्तो तक को भी ताक पर रख देता है इसी के परिणाम स्वरूप आज समाज के अंदर परिवारिक विघटन हो रहा है परिवार टूट रहे यही परिवार जो पहले एक दूसरे की मदद को आगे आया करता था आज के परिपेक्ष्य में परिवार एक-दूसरे से अलग हो रहे हैं एकल परिवार होना अब आम बात हो चुकी है
इन्हीं सब दुष्परिणामों के विपरीत एक परम संत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी अपने पवित्र वचनों और दिशानिर्देशों द्वारा समाज को एक नई जान फूंकने जा रहे हैं।
संत रामपाल जी महाराज जी के वचनों में वह पावर है ।जो विघटित समाज को भी संगठित कर रही है ।
आज हम देखते हैं बहुत से परिवार जो आधुनिकता की चकाचौंध में अंधे हो रहे थे।
वह सभी संत रामपाल जी महाराज जी के सानिध्य में एक दूसरे के पूरक बन रहे हैं ।
संत रामपाल जी महाराज जी ने नैतिक शिक्षा और व्यवहारिकता को नए सिरे से परिभाषित किया है ।
उन्होंने अनेकों पुस्तकों की रचना की जो भटक चुके समाज को एक नई दिशा प्रदान कर रही है।
उनकी एक पवित्र पुस्तक "जीने की राह" जिसने समाज को सभ्यता की एक नई ऊंचाइयों तक ले जाने की नई राह प्रदान की है।
इस पुस्तक की जितनी मुक्त कंठ से प्रशंसा की जाए उतनी कम है ।
वर्तमान के लोग इसको बहुत ही रुचि से पढ़ रहे हैं।
आज संत रामपाल जी महाराज जी का उद्देश्य समाज में नशा ,दहेज प्रथा, कन्या भ्रूण हत्या जैसी अनेकों अनेक बुराइयों को खत्म करके समाज को नई चेतना प्रदान करना है ।
इस तरह के महापुरुषों का भारतवर्ष में आगमन बड़ा ही शुभ संकेत दे रहा है।
इसके लिए जिज्ञासु प्रवृत्ति के मनुष्य को चाहिए कि जीने की राह पुस्तक अवश्य पढ़ें ।
भारत के सुप्रसिद्ध आध्यात्मिक चैनल "साधना" पर रात्रि 7:30 से 8:30 तक प्रसारित होने वाले संत रामपाल जी महाराज जी के मंगल प्रवचन ओं को अवश्य सुनना चाहिए ।
अधिक जानकारी के लिए आप हमारी वेबसाइट पर भी विजिट कर सकते हैं।
Nyc
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